Meaning of

गु़रबत

gurbat • غربت

गरीबी; निर्वासन; परायापन

poverty; exile; alienation

غربت; جلاوطنی; اجنبیت

Arabic

सच की डगर पे जब भी रक्खे क़दम किसी ने पहले तो देखी ग़ुर्बत फिर तख़्त-ओ-ताज देखा — Amaan Pathan
भले हों ख़ून के रिश्ते या दुनिया के फ़रिश्ते हों ग़म-ए-ग़ुर्बत के मारों को सहारा कौन देता है — Ajeetendra Aazi Tamaam
ग़ुर्बत की ठंडी छाँव में याद आई उस की धूप क़द्र-ए-वतन हुई हमें तर्क-ए-वतन के बा'द — Kaifi Azmi
इंसाँ के ज़मीरों को जला देती है ग़ुर्बत कुछ बात है दर उस का अँधेरे में खुला है — Navneet krishna
किसी को शौक़ यूँँ होता नहीं ग़ुरबत में जीने का यक़ीनन सामने उस के बड़ी दुश्वारियाँ होंगी — SALIM RAZA REWA
दुआ अम्मी की है मेरी ये ग़ुर्बत भूल जाओगे ख़ुदा इतना नवाज़ेगा मुसीबत भूल जाओगे — Arman Habib

ग़ुरबत अपने मूल में अपने वतन से दूर होने की स्थिति को दर्शाता है, जो अक्सर गरीबी और परायापन से जुड़ा होता है। कविता में, यह गहरी लालसा और अलगाव की भावना को जगाता है, जो मानवीय अनुभव को परिभाषित करने वाली भावनात्मक और भौतिक दूरियों को उजागर करता है।

कवि ग़ुरबत का उपयोग अपनी जड़ों से अलगाव के दर्द को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर खोए हुए वतन के लिए उदासी और लालसा की भावना को व्यक्त करता है। यह शब्द आत्मा के आंतरिक निर्वासन को भी दर्शा सकता है, जो अपनी सच्ची प्रकृति से कटा हुआ है।

ग़ुरबत अपनेपन की लालसा की सार्वभौमिक मानवीय स्थिति को दर्शाता है। यह हमें हमारे सच्चे घरों से अलग करने वाली दूरियों की मार्मिक याद दिलाता है।