Meaning of

गोर

gor • گور

कब्र; समाधि

grave; tomb

قبر; مزار

Persian

जब से वो समुंदर पार गया गोरी ने सँवरना छोड़ दिया — Bekal Utsahi
टक गोर-ए-ग़रीबाँ की कर सैर कि दुनिया में उन ज़ुल्म-रसीदों पर क्या क्या न हुआ होगा — Meer Taqi Meer
फ़रिश्ते फ़ुर्सत में बैठ कर लिखते हैं किसी का ख़राब होना हर अंगूर की किस्मत में नहीं होता है शराब होना — Murli Dhakad
अपने जादू पे बहुत नाज़ न कर जादूगर कोई जादू हो वो बंगाल में कट जाता है — Usman Minai
महरूम हूँ मैं ख़िदमत-ए-उस्ताद से 'मुनीर' कलकत्ता मुझ को गोर से भी तंग हो गया — Muneer Shikohabadi
चॉकलेट की दीवानी तो सारी दुनिया है एक दूध सी गौरी मैम का हूँ मैं आशिक़ — Sandeep Singh Chouhan "Shafaq"

अपने मूल अर्थ में 'गोर' मृतकों के विश्राम स्थल को दर्शाता है, एक पवित्र और गंभीर स्थान। कविता ने इसे जीवन की अंतिमता, मृत्यु के रहस्य और उसके बाद की शांति का प्रतीक बना दिया है। यह शब्द स्थिरता और आत्मनिरीक्षण की भावना को जागृत करता है, अक्सर अस्तित्व की क्षणभंगुरता पर विचार करने के लिए उपयोग किया जाता है।

'गोर' का उपयोग कवि अक्सर मृत्यु और समय के अनिवार्य प्रवाह के विषयों को उजागर करने के लिए करते हैं। यह यात्रा के अंत या अनंत विश्राम की शुरुआत का प्रतीक हो सकता है। यह शब्द जीवन की जीवंतता के विपरीत है, स्वीकृति में मिलने वाली शांति को उजागर करता है।

'गोर' की शांत गोद में, जीवन की क्षणभंगुर प्रकृति पर गहन चिंतन मिलता है। यह एक ऐसा शब्द है जो मनन और शांति का आमंत्रण देता है।