Meaning of

गोर

gor • گور

कब्र; समाधि

grave; tomb

قبر; مزار

Persian

इस दुनिया में घटिया लोगों की ख़ातिर
फूलों को भी पत्थर होना पड़ता है

गौरी सा जीवन साथी पाना हो तो
पहले थोड़ा शंकर होना पड़ता है

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जब से वो समुंदर पार गया
गोरी ने सँवरना छोड़ दिया

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अपने जादू पे बहुत नाज़ न कर जादूगर
कोई जादू हो वो बंगाल में कट जाता है

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देख तो दिल कि जाँ से उठता है
ये धुआँ सा कहाँ से उठता है

गोर किस दिल-जले की है ये फ़लक
शो'ला इक सुब्ह यां से उठता है

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महरूम हूँ मैं ख़िदमत-ए-उस्ताद से 'मुनीर'
कलकत्ता मुझ को गोर से भी तंग हो गया

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टक गोर-ए-ग़रीबाँ की कर सैर कि दुनिया में
उन ज़ुल्म-रसीदों पर क्या क्या न हुआ होगा

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उस की सारी ज़ुल्मत को अब बातिल ही हम बोलेंगे
उस के सारे लँगूरों को बुज़दिल ही हम बोलेंगे

उस ज़ालिम की इस गंदी साज़िश से बिल्कुल मत डरना
क़ातिल को पूरी ताक़त से क़ातिल ही हम बोलेंगे

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किस लिए नाराज़ तुम हो बे-वफ़ा
दिलजलों का नाज़ तुम हो बे-वफ़ा

मीर जाफर एक था बंगाल में
एक धोखेबाज़ तुम हो बे-वफ़ा

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चॉकलेट की दीवानी तो सारी दुनिया है
एक दूध सी गौरी मैम का हूँ मैं आशिक़

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फ़रिश्ते फ़ुर्सत में बैठ कर लिखते हैं किसी का ख़राब होना
हर अंगूर की किस्मत में नहीं होता है शराब होना

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इस दुनिया में घटिया लोगों की ख़ातिर
फूलों को भी पत्थर होना पड़ता है

गौरी सा जीवन साथी पाना हो तो
पहले थोड़ा शंकर होना पड़ता है

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जब से वो समुंदर पार गया
गोरी ने सँवरना छोड़ दिया

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अपने मूल अर्थ में 'गोर' मृतकों के विश्राम स्थल को दर्शाता है, एक पवित्र और गंभीर स्थान। कविता ने इसे जीवन की अंतिमता, मृत्यु के रहस्य और उसके बाद की शांति का प्रतीक बना दिया है। यह शब्द स्थिरता और आत्मनिरीक्षण की भावना को जागृत करता है, अक्सर अस्तित्व की क्षणभंगुरता पर विचार करने के लिए उपयोग किया जाता है।

'गोर' का उपयोग कवि अक्सर मृत्यु और समय के अनिवार्य प्रवाह के विषयों को उजागर करने के लिए करते हैं। यह यात्रा के अंत या अनंत विश्राम की शुरुआत का प्रतीक हो सकता है। यह शब्द जीवन की जीवंतता के विपरीत है, स्वीकृति में मिलने वाली शांति को उजागर करता है।

'गोर' की शांत गोद में, जीवन की क्षणभंगुर प्रकृति पर गहन चिंतन मिलता है। यह एक ऐसा शब्द है जो मनन और शांति का आमंत्रण देता है।