Meaning of

चराग़

charaagh • چراغ

दीपक; प्रकाश; मशाल

lamp; light; beacon

چراغ; روشنی; مشعل

Persian

मुफ़लिसी थी और हम थे घर के इकलौते चराग़ वरना ऐसी रौशनी करते कि दुनिया देखती — Kashif Sayyed
चराग़ों को उछाला जा रहा है हवा पर रौब डाला जा रहा है — Rahat Indori
नए दौर के नए ख़्वाब हैं नए मौसमों के गुलाब हैं ये मोहब्बतों के चराग़ हैं इन्हें नफ़रतों की हवा न दे — Bashir Badr
कहाँ चराग़ जलाएँ कहाँ गुलाब रखें छतें तो मिलती हैं लेकिन मकाँ नहीं मिलता — Nida Fazli
दुआ करो कि सलामत रहे मिरी हिम्मत ये इक चराग़ कई आँधियों पे भारी है — Waseem Barelvi
वो बुझ गया तो चला उस की अहमियत का पता कि उस की आग से कितने चराग़ जलते थे — Shakeel Azmi
जहाँ रहेगा वहीं रौशनी लुटाएगा किसी चराग़ का अपना मकाँ नहीं होता — Waseem Barelvi
तुम्हारा सिर्फ़ हवाओं पे शक गया होगा चराग़ ख़ुद भी तो जल जल के थक गया होगा — Zubair Ali Tabish

'चराग़' मूल रूप से प्रकाश का साधन है, जो गर्माहट और मार्गदर्शन का प्रतीक है। कविता में, यह अंधकार में आशा का प्रतीक बन जाता है, एक अकेला दीप जो विशाल रात से जूझता है।

कवि अक्सर 'चराग़' का उपयोग दृढ़ता और आशा को दर्शाने के लिए करते हैं। यह मानव आत्मा के अमर प्रकाश का रूपक है। यह अंधकार के विपरीत खड़ा होता है, निराशा और आशा के बीच संघर्ष का प्रतीक।

एक 'चराग़' की शांत लौ में, कवि प्रकाश और छाया के शाश्वत नृत्य को पाते हैं।