Meaning of

जज़्बात

jazbaat • جذبات

भावनाएँ; एहसास

emotions; feelings

احساسات; جذبات

Arabic

अब तो होने से रहा जज़्बात पे क़ाबू
एक बुलबुल ने कहा है बाज को बाबू

घर से निकले हैं मगर राहें नहीं देखीं
पत्थरों में ढूँढ़ते फिरते हैं जो आबू

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बस मोहब्बत बस मोहब्बत बस मोहब्बत जान-ए- मन
बाक़ी सब जज़्बात का इज़हार कम कर दीजिए

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ऐसा नहीं कि उन से मोहब्बत नहीं रही
जज़्बात में वो पहली सी शिद्दत नहीं रही

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चलो यार उस को तसल्ली दिलाएँ
वो जज़्बाती आशिक़ परेशान होगा

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मैं तेरे दर्द के जज़्बात ले कर हाथ पकडूँगा
तेरे मुश्किल सभी हालात ले कर हाथ पकडूँगा

तू जैसी है मुझे वैसी ही है मंज़ूर जीवन में
तेरी अच्छी बुरी हर बात ले कर हाथ पकडूँगा

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आँखें तरस रही हैं जज़्बे पिघल रहे हैं
अनफ़ास को हमारे लम्हे निगल रहे हैं

जज़्बात के शजर पर बरसात है ग़मों की
एहसास के सफ़र में हम रुख़ बदल रहे हैं

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उस ने ख़त इक रात लिखे थे आँसू से
दिल के सब जज़्बात लिखे थे आँसू से

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मजबूरियों के साथ फ़क़त खेलता रहा
और खींचता रहा मुझे जज़्बात की तरफ़

वो शख़्स मेरे हाल पे रोया नहीं कभी
दिल को दुखा के चल पड़ा गुजरात की तरफ़

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नहीं मैं जानता जज़्बात क्या है
बताएँ वो मुझे की बात क्या है

हुआ है क्या जो मैं ये पूछता हूँ
बताओ तुम मिरी औकात क्या है

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उस बे-वफ़ा की याद मुझ को आती है हर रात में
मैं दर्द की हर दास्ताँ लिखता भी हूँ जज़्बात में

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अब तो होने से रहा जज़्बात पे क़ाबू
एक बुलबुल ने कहा है बाज को बाबू

घर से निकले हैं मगर राहें नहीं देखीं
पत्थरों में ढूँढ़ते फिरते हैं जो आबू

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बस मोहब्बत बस मोहब्बत बस मोहब्बत जान-ए- मन
बाक़ी सब जज़्बात का इज़हार कम कर दीजिए

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मूल रूप में, 'जज़्बात' दिल के भीतर उठने वाली भावनाओं की लहरों को दर्शाता है। कविता ने इस शब्द को मानव अनुभव की गहराईयों को छूने के लिए अपनाया है, जिसमें मनोदशा के सूक्ष्म परिवर्तन और भावनाओं की गहनता शामिल है।

कवि अक्सर 'जज़्बात' का उपयोग मानव भावनाओं के उथल-पुथल भरे समुद्र को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह प्रेम, दुःख और तड़प की भावना को पकड़ता है। यह अधिक स्थिर भावों के विपरीत, मानव हृदय की संवेदनशीलता को उजागर करता है।

कविता में, 'जज़्बात' आत्मा की गहरी इच्छाओं का प्रतिबिंब बन जाता है।