
मैं तेरे दर्द के जज़्बात ले कर हाथ पकडूँगा
तेरे मुश्किल सभी हालात ले कर हाथ पकडूँगा
तू जैसी है मुझे वैसी ही है मंज़ूर जीवन में
तेरी अच्छी बुरी हर बात ले कर हाथ पकडूँगा
— Sanskar Shrivastav
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