Meaning of

ज़ख़्म-ए-दिल

zakhm-e-dil • زخم دل

दिल का घाव; भावनात्मक पीड़ा

wound of the heart; emotional pain

دل کا زخم; جذباتی درد

Persian

उस के हाथों में कुद्रत ने ऐसी दी है मसीहाई सीने पर वो हाथ रखे तो ज़ख्म-ए-दिल भर जाता है — Haider Khan
मिरे ज़ख़्म-ए-दिल का दवा नइँ हुआ कि जिस को भी चाहा मिरा नइँ हुआ — Irshad Siddique "Shibu"
बे वफ़ा शख़्स तेरा नाम भी मुँह से लेना इज़्ज़त-ए-नफ़्स की तौहीन समझता हूँ मैं — Shajar Abbas
ऐ मिरी जाँ मिरे दिल को क्या हो गया लगता है ज़ख़्म दिल का हरा हो गया — Danish Balliavi
क्यूँँ ज़ख़्म दिल का मिटा दूँ भला दवा कर के ये मेरे पास तेरी आख़िरी निशानी हैं — Shajar Abbas
इज़्ज़त-ए-नफ़्स गर बचानी हैं तो अमीरों से दूरियाँ रखो — Shajar Abbas

'ज़ख़्म-ए-दिल' शब्द दिल पर लगे उन घावों की छवि प्रस्तुत करता है जो प्रेम या दुख से उत्पन्न होते हैं। कविता में, यह उन गहरे भावनात्मक घावों का प्रतीक है जो अदृश्य होते हुए भी गहराई से महसूस किए जाते हैं। दिल, जो अक्सर भावनाओं का केंद्र माना जाता है, एक ऐसा रणक्षेत्र बन जाता है जहाँ प्रेम और पीड़ा सह-अस्तित्व में होते हैं।

कवि अक्सर 'ज़ख़्म-ए-दिल' का उपयोग अनकही पीड़ाओं और दिल के दर्द की मौन सहनशीलता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह भीतर की अनदेखी लड़ाइयों का रूपक है, जहाँ दिल अधूरी प्रेम कहानियों या हानि का बोझ उठाता है।

कविता की दुनिया में, 'ज़ख़्म-ए-दिल' दिल की सहनशीलता और गहराई से महसूस करने की क्षमता का प्रमाण है।