Meaning of

ज़री

zari • زری

सोने की कढ़ाई; ब्रोकेड

gold embroidery; brocade

سونے کی کڑھائی; بروکیڈ

Persian

आज की रात भी गुज़री है मिरी कल की तरह हाथ आए न सितारे तिरे आँचल की तरह — Ameer Qazalbash
कभी कभी तो ये वहशत भी हम पे गुज़री है कि दिल के साथ ही देखा है डूबना शब का — Abhishek shukla
ज़िंदगी अपनी जब इस शक्ल से गुज़री 'ग़ालिब' हम भी क्या याद करेंगे कि ख़ुदा रखते थे — Mirza Ghalib
मिरी ज़िंदगी तो गुज़री तिरे हिज्र के सहारे मिरी मौत को भी प्यारे कोई चाहिए बहाना — Jigar Moradabadi
उम्र गुज़री उस का चेहरा देखते और जी लेते तो दुनिया देखते — Vipul Kumar
अब तो हर हाथ का पत्थर हमें पहचानता है उम्र गुज़री है तेरे शहर में आते जाते — Rahat Indori
वो बात सारे फ़साने में जिस का ज़िक्र न था वो बात उन को बहुत ना-गवार गुज़री है — Faiz Ahmad Faiz
न गुल खिले हैं, न उन से मिले, न मय पी है अजीब रंग में अब के बहार गुज़री है — Faiz Ahmad Faiz
मीर के बा'द ग़ालिब ओ इक़बाल इक सदा, इक सदी में गुज़री है — Gulzar Dehlvi

ज़री राजसी वस्त्रों की भव्यता और वैभव को दर्शाती है, जहाँ सोने के धागों की चमक शान और सुंदरता की कहानियाँ बुनती है। कविता में, यह केवल भौतिक संपत्ति नहीं बल्कि आत्मा की समृद्धि और जीवन के जटिल सौंदर्य का प्रतीक है।

कवि अक्सर ज़री का उपयोग प्रिय के वस्त्रों की समृद्धि, किसी स्थान की भव्यता, या प्रकृति की जटिल सुंदरता का वर्णन करने के लिए करते हैं। यह सादगी के विपरीत, जटिलता और विस्तार के आकर्षण को उजागर करता है।

ज़री जीवन की जटिल सुंदरता का प्रतीक बनकर कविता में बुनती है, भौतिक और आध्यात्मिक को एक साथ जोड़ती है।