Meaning of

ज़र्ब

zarb • ضرب

प्रहार; आघात; प्रभाव

strike; blow; impact; influence

ضرب; اثر

Arabic

तुझे ही क्यूँ नज़र आता नहीं मुझ आम सा लड़का तेरे जब पास होता है तो कितना ख़ास होता है — Aatish Alok
पहले ख़ास तो आम तो फिर बदनाम हुए साँसें चलती हैं हम कब के तमाम हुए — Sanjay Bhat
अब कौन जानता है सुख़न-साज़ की सनक कब ज़र्ब की हवस में तमाशा बिखेर दे — Nikhil Tiwari 'Nazeel'
शब-ए-ज़र्बत ये इब्न-ए-शाने हैदर शब-ए-आशूर से कमतर नहीं हैं — Shajar Abbas
बहुत ही ख़ास होते हैं मुहब्बत में जिन्हें भी यार का दीदार मिलता है — MOHSIN JAHANGIR
लगाना ज़र्ब जब दिल पर तो ज़ालिम याद ये रखना इसी दिल में तुम्हारी ज़ात की तौक़ीर होती है — Javed Aslam
ख़ास हो कर भी मिरा है आम रहना ज़िंदगी गुमनाम फिर भी नाम रहना — Vinod Ganeshpure

मूल रूप से 'ज़र्ब' का अर्थ है शारीरिक प्रहार या आघात, एक ऐसा प्रभाव जो निशान छोड़ता है। कविता में, यह रूपक के रूप में विस्तारित होता है, यह दर्शाता है कि कोई व्यक्ति दूसरे के दिल या दिमाग पर गहरी छाप छोड़ता है।

कवि अक्सर 'ज़र्ब' का उपयोग शब्दों या कार्यों के भावनात्मक प्रभाव को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह प्रेम या दर्द की स्थायी छाप का प्रतीक हो सकता है। यह शब्द कोमल शब्दों के विपरीत, तीव्रता को उजागर करता है।

'ज़र्ब' प्रभाव की भावना को पकड़ता है, शारीरिक और भावनात्मक दोनों। यह हमें गहरे अनुभवों द्वारा छोड़े गए निशानों की याद दिलाता है।