Meaning of

ज़र्रा

zarra • ذرہ

कण; कणिका; सूक्ष्म तत्व

particle; speck; tiny element

ذرہ; ذرات; چھوٹا عنصر

Arabic

मुरली छूटी शंख बजा रास तजा फिर युद्ध सजा क्या पीछे क्या आगे है सब कुछ राधे राधे है — Zubair Ali Tabish
प्यार का जादू सब के सर पर चढ़ कर फिर तो बोलेगा तुम बनना कान्हा की मुरली मधुबन हम हो जाएँगे — Safia Rag Alvi
माना ज़र्रा ज़र्रा टूटा हूँ उस की यादों में मैं कोई केवल आशिक़ बोले मुझ को ये मंज़ूर नहीं — Devansh gupta
तेरी मुरली के झरने में बह जाती हूँ मोहन मैं घर जाती हूँ तो रोती रह जाती हूँ मोहन — Madan Gopal 'AloukiK'
बहुत बर्बाद हैं लेकिन सदा-ए-इंक़लाब आए वहीं से वो पुकार उठेगा जो ज़र्रा जहाँ होगा — Ali Sardar Jafri
संग रह जाते थे पानी पे ही लिख के राम का नाम कृष्ण के छूने से यकसाँ बाँस बन जाते थे मुरली — Chhayank Tyagi
सुर्ख़ हर ज़र्रा हया से जबसे ठहरा बनके शबनम लम्स तेरा वो बदन पे — Abha sethi
एक विनती मेरी भी स्वीकार कर ओ मुरली वाले हे बिहारी मुझ को अपनी पद खड़ाऊँ तू बना ले — Sandeep dabral 'sendy'

'ज़र्रा' अपने मूल अर्थ में सबसे छोटे कण को दर्शाता है, जो लगभग अदृश्य होते हुए भी ब्रह्मांड की संभावनाओं को समेटे हुए है। कविता में, यह उस तुच्छ को इंगित करता है जो गहरे अर्थ और महत्व को धारण करता है।

कवि अक्सर 'ज़र्रा' का उपयोग सूक्ष्म और विशाल के बीच के विरोधाभास को उजागर करने के लिए करते हैं। यह विचार उत्पन्न करता है कि सबसे छोटा तत्व भी अत्यधिक महत्व रख सकता है। इसका उपयोग विनम्रता, उपेक्षित में छुपी संभावनाओं और सभी चीजों की परस्पर संबंधता को व्यक्त करने के लिए किया जाता है।

काव्यिक क्षेत्र में, 'ज़र्रा' हमें याद दिलाता है कि सबसे छोटा अस्तित्व भी ब्रह्मांड के भार के साथ गूंज सकता है।