Meaning of

ज़वाल

zawaal • زوال

पतन; अवनति

decline; downfall

زوال; گراوٹ

Arabic

गर यही है उरूज मेरा तो ऐ ख़ुदा फिर ज़वाल अच्छा है — Shadab Shabbiri
मैं क्या बताऊँ के मैं किस मकाम पर हूँ खड़ा मेरे अरुज़ से पहले मेरा ज़वाल हुआ — Md Akhter Ansari
ख़यालों में, नज़ारों में, किताबों में, सवालों में कि मुझ को याद आए तुम, सफ़र के इन ज़वालों में — Nikhil Tiwari Nirbhay
ज़िन्दगी मुस्तक़िल वबाल रही हर घड़ी थी ज़वाल की सूरत — Kiran K
है तिरा ही ख़याल तो मुझ को है तिरा ही ज़वाल तो मुझ को — Vinod Ganeshpure

ज़वाल पतन या अवनति की अवधि को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर समय के अनिवार्य प्रवाह और महिमा के क्षय का प्रतीक होता है। यह शब्द जीवन की क्षणभंगुरता को दर्शाते हुए एक उदासीन स्वर लिए होता है।

कवि ज़वाल का उपयोग खोई हुई भव्यता या सुंदरता के अनिवार्य पतन के दुख को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह जीवन की अस्थिरता की याद दिलाता है।

ज़वाल समय के प्रवाह की सच्चाई को फुसफुसाता है, जीवन की क्षणभंगुरता की एक कोमल याद दिलाता है।