Meaning of

ज़ात-ओ-सिफ़ात

zaat-o-sifaat • ذات و صفات

मूल और गुण; स्वभाव और विशेषताएँ

essence and attributes; nature and qualities

جوہر اور صفات; فطرت اور خصوصیات

Arabic

ज़िक्र ज़ात-ओ-सिफ़ात भी होगा कोई फिर कुल्लियात भी होगा — Manohar Shimpi

'ज़ात-ओ-सिफ़ात' मूल रूप से किसी व्यक्ति या वस्तु की आंतरिक प्रकृति और उसे परिभाषित करने वाले गुणों को दर्शाता है। कविता में, यह शब्द अक्सर व्यक्ति के चरित्र की गहराई को उजागर करता है, व्यक्तित्व और अस्तित्व की अदृश्य परतों में प्रवेश करता है।

कवि 'ज़ात-ओ-सिफ़ात' का उपयोग दृश्य और अदृश्य के विपरीत करने के लिए करते हैं। यह मानव स्वभाव के रहस्य को उजागर करता है। यह अक्सर पहचान और आत्म-खोज की कविताओं में दिखाई देता है।

'ज़ात-ओ-सिफ़ात' शब्द हमें हमारे भीतर की अदृश्य गहराइयों पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है। यह अस्तित्व के सार की एक काव्यात्मक यात्रा है।