Meaning of

ज़ाविये

zaawiye • زاویے

कोण; दृष्टिकोण

angles; perspectives

زاوئے; نقطہ نظر

Arabic

दो आँखें हैं दो पलकें हैं जबीं है चूमने ख़ातिर बहुत से ज़ाविए हैं उस बदन में देखने लाइक़ — Siddharth Saaz
तिलमिलाते हैं दुआ से दिल-जले अहबाब में आज कल आते हैं मेरे ज़ाविये सुरख़ाब में — Wasim Jamshedpuri
हर एक ज़ाविए से वो बदन शगुफ़्ता है मुझे ये डर है कि मुरझा न जाए छूने से — Aadi Ratnam
कभी अपनी आँख से ज़िंदगी पे नज़र न की वही ज़ाविए कि जो आम थे मुझे खा गए — Khursheed Rizvi
देखो जिस ज़ाविए से दिल-कश है वो तो माह-ए-तमाम है 'क़ैसर' — Meem Maroof Ashraf
हर रात ख़त्म होती है हर सुब्ह-दम शुरूअ इस ज़ाविये से देखता हूँ ज़िंदगी को मैं — Sohil Barelvi
रंग ख़ुश्बू फूल-तितली सागर-ओ-मीना के बा'द अब ग़ज़ल को कुछ नए ही ज़ाविए दरकार हैं — Farhan Aalam Qaiser

'ज़ाविये' का मूल अर्थ ज्यामितीय कोण या दृष्टिकोण है, जिससे किसी वस्तु को देखा जाता है। कविता में, यह जीवन और भावनाओं को देखने के अनेक तरीकों की ओर इशारा करता है, जहाँ हर कोण एक अलग अंतर्दृष्टि या सत्य प्रस्तुत करता है।

कवि 'ज़ाविये' का उपयोग मानव भावनाओं की जटिलता को खोजने के लिए करते हैं। यह सुझाव देता है कि हर अनुभव को कई कोणों से देखा जा सकता है, प्रत्येक एक अनोखा सत्य प्रकट करता है। यह एकल दृष्टिकोण के विचार के विपरीत है, समझ में विविधता पर जोर देता है।

'ज़ाविये' हमें दृष्टिकोणों की बहुलता को अपनाने के लिए आमंत्रित करता है, जो हमारी दुनिया की समझ को समृद्ध करता है।