Meaning of

ज़िद्द

zidd • ضد

हठ; दृढ़ता

stubbornness; persistence

ضد; اصرار

Arabic

ये मेरी ज़िद ही ग़लत थी कि तुझ सेा बन जाऊँ
मैं अब न अपनी तरह हूँ न तेरे जैसा हूँ

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अच्छी लड़की ज़िद नहीं करते
देखो इश्क़ बुरा होता है

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दिल ऐसा कि सीधे किए जूते भी बड़ों के
ज़िद इतनी कि ख़ुद ताज उठा कर नहीं पहना

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तीनों ज़िद्दी हैं कि हम तुझ सेे कहेंगे भी नहीं
तू छूएगा भी नहीं ज़ख़्म भरेंगे भी नहीं

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ज़िद हर इक बात पर नहीं अच्छी
दोस्त की दोस्त मान लेते हैं

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धूप को साया ज़मीं को आसमाँ करती है माँ
हाथ रख कर मेरे सर पर सायबाँ करती है माँ

मेरी ख़्वाहिश और मेरी ज़िद उस के क़दमों पर निसार
हाँ की गुंज़ाइश न हो तो फिर भी हाँ करती है माँ

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ग़ज़ब है वो ज़िद्दी बड़े हो गए
मैं लेटा तो उठ के खड़े हो गए

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जुगनू को दिन के वक़्त परखने की ज़िद करें
बच्चे हमारे अहद के चालाक हो गए

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दिलों की बातें दिलों के अंदर ज़रा सी ज़िद से दबी हुई हैं
वो सुनना चाहें, ज़बाँ से सब कुछ मैं करना चाहूँ नज़र से बतियां

ये इश्क़ क्या है, ये इश्क़ क्या है, ये इश्क़ क्या है, ये इश्क़ क्या है
सुलगती सांसें, तरसती आँखें, मचलती रूहें, धड़कती छतियां

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दिल की ज़िद इस लिए रख ली थी कि आ जाए क़रार
कल ये कुछ और कहेगा मुझे मालूम न था

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ये मेरी ज़िद ही ग़लत थी कि तुझ सेा बन जाऊँ
मैं अब न अपनी तरह हूँ न तेरे जैसा हूँ

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अच्छी लड़की ज़िद नहीं करते
देखो इश्क़ बुरा होता है

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मूल रूप में, 'ज़िद्द' एक दृढ़ निश्चय को दर्शाता है, एक ऐसा अडिग मन जो झुकने से इंकार करता है। कविता में, यह शब्द अक्सर इच्छा और वास्तविकता के बीच के भावनात्मक संघर्ष को दर्शाता है, दिल की इच्छाओं और दुनिया की सीमाओं के बीच के तनाव को उजागर करता है।

कवि 'ज़िद्द' का उपयोग प्रेम और विरोध के विषयों की खोज के लिए करते हैं, जहाँ दिल की हठ सच्चे जुनून का प्रतीक बन जाती है। यह समर्पण के विपरीत है, एक ऐसे प्रेमी की तस्वीर पेश करता है जो हार मानने से इनकार करता है।

ज़िद्द मानव इच्छाशक्ति का सार पकड़ता है, दिल की अपनी इच्छाओं की अनवरत खोज का प्रमाण है।