Meaning of

ज़िद्द

zidd • ضد

हठ; दृढ़ता

stubbornness; persistence

ضد; اصرار

Arabic

अच्छी लड़की ज़िद नहीं करते देखो इश्क़ बुरा होता है — Ali Zaryoun
तीनों ज़िद्दी हैं कि हम तुझ सेे कहेंगे भी नहीं तू छूएगा भी नहीं ज़ख़्म भरेंगे भी नहीं — Shadab Javed
जुगनू को दिन के वक़्त परखने की ज़िद करें बच्चे हमारे अहद के चालाक हो गए — Parveen Shakir
दिल की ज़िद इस लिए रख ली थी कि आ जाए क़रार कल ये कुछ और कहेगा मुझे मालूम न था — Arzoo Lakhnavi
दिल ऐसा कि सीधे किए जूते भी बड़ों के ज़िद इतनी कि ख़ुद ताज उठा कर नहीं पहना — Munawwar Rana
ज़िद हर इक बात पर नहीं अच्छी दोस्त की दोस्त मान लेते हैं — Dagh Dehlvi
ग़ज़ब है वो ज़िद्दी बड़े हो गए मैं लेटा तो उठ के खड़े हो गए — Akbar Allahabadi
ये मेरी ज़िद ही ग़लत थी कि तुझ सेा बन जाऊँ मैं अब न अपनी तरह हूँ न तेरे जैसा हूँ — Subhan Asad

मूल रूप में, 'ज़िद्द' एक दृढ़ निश्चय को दर्शाता है, एक ऐसा अडिग मन जो झुकने से इंकार करता है। कविता में, यह शब्द अक्सर इच्छा और वास्तविकता के बीच के भावनात्मक संघर्ष को दर्शाता है, दिल की इच्छाओं और दुनिया की सीमाओं के बीच के तनाव को उजागर करता है।

कवि 'ज़िद्द' का उपयोग प्रेम और विरोध के विषयों की खोज के लिए करते हैं, जहाँ दिल की हठ सच्चे जुनून का प्रतीक बन जाती है। यह समर्पण के विपरीत है, एक ऐसे प्रेमी की तस्वीर पेश करता है जो हार मानने से इनकार करता है।

ज़िद्द मानव इच्छाशक्ति का सार पकड़ता है, दिल की अपनी इच्छाओं की अनवरत खोज का प्रमाण है।