Meaning of

ज़ियाँ

ziyaan • زیاں

हानि; अपव्यय

loss; waste

زیاں; ضیاع

Persian

क्या हुआ जो मुझे हम-उम्र मोहब्बत न मिली मेरी ख़्वाहिश भी यही थी कि बड़ी आग लगे — Muzdum Khan
वक़्फ़ हो "अशरफ़" वफ़ा की राह पर तुम इस लिए ख़्वाहिशों को मार दो, ख़ुदगरज़ियाँ अंदर रखो — Ashraf Ali
अक़्ल कहती है कि सौदा है ज़ियाँ का और तुझे दिल बे तहाशा चाहता है — Meem Maroof Ashraf
भला तुम कैसे जानोगे मिला है दर्द जो गहरा वो जैसे नोचता है बाल अपने नोच कर देखो — Kushal "PARINDA"
आज तस्वीर उस की देखी है आज फिर नींद का ज़ियाँ होगा — Meem Maroof Ashraf
बिछड़ोगे तब तुम जानोगे क्या होता है यादों का दुख — Kabir Altamash

'ज़ियाँ' शब्द हानि और बर्बाद हुई संभावनाओं का भाव प्रकट करता है। कविता में, यह अक्सर छूटे हुए अवसरों और समय के अपरिवर्तनीय प्रवाह के दुःख को दर्शाता है। यह शब्द उदासी का भार लिए होता है, जो गहरे पछतावे और विचारशीलता को जगाता है।

कवि 'ज़ियाँ' का उपयोग पछतावे और समय के प्रवाह की थीम को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह जो था और जो हो सकता था के बीच के विरोधाभास को उजागर कर सकता है। यह शब्द अक्सर चिंतनशील और गंभीर संदर्भों में प्रकट होता है, अपरिवर्तनीय परिवर्तन के सार को पकड़ता है।

कविता में, 'ज़ियाँ' समय की नाजुकता और अधूरे सपनों के भार की एक मार्मिक याद दिलाता है।