Meaning of

तअ'ल्ली

ta'alli • تعلی

गर्व; अहंकार

pride; arrogance

غرور; تکبر

Arabic

सिर्फ़ ता'लीम है वो शय यारों जिस सेे ज़िंदा चराग़ जलते हैं — Ajeetendra Aazi Tamaam
मेरे वालिद पे क़र्ज़ा था मेरी ता'लीम को ले कर उसी लाला का अब मुझ को तो कर्ज़ा भी चुकाना है — Vikas Shah musafir
अदब ता'लीम का जौहर है ज़ेवर है जवानी का वही शागिर्द हैं जो ख़िदमत-ए-उस्ताद करते हैं — Chakbast Brij Narayan
हमारी माँ हमें हर सुब्ह ये ता'लीम देती है वतन पर आँच आए गर जिगर का ख़ूँ बहा देना — Arman Habib
जहाँ ता'लीम ही होगी सदाक़त से बुलंदी पर वहाँ तदरीस होती है — Manohar Shimpi
सारी गणित बदल गई इक माँ के जाने से ता'लीम लेना व्यर्थ है अब याँ घटाव पर — Sandeep dabral 'sendy'

तअ'ल्ली गर्व की दोहरी प्रकृति को पकड़ता है, जो आत्म-सम्मान का स्रोत है और अहंकार की संभावना भी। कविता में, यह अक्सर गरिमा और घमंड के बीच की महीन रेखा का अन्वेषण करता है।

श्रेष्ठता की भावना वाले पात्रों को चित्रित करने के लिए उपयोग किया जाता है। कवि अत्यधिक गर्व के कारण पतन के विषयों का अन्वेषण करते हैं। यह विनम्रता और नम्रता के विपरीत है।

तअ'ल्ली गर्व और विनम्रता के बीच के नाजुक संतुलन की याद दिलाता है, मानव स्वभाव का एक नृत्य।