मिरे हर ख़्वाब की रस्सी में जज़्बा बाँध देती हैअगर ता'लीम अच्छी हो तो लहजा बाँध देती हैवो अपनी ज़िंदगी जीती है बस औलाद की ख़ातिरजो जाती मन्दिरों में माँ तो धागा बाँध देती है— Sarvesh Pandey