Meaning of

तब्बसुम

tabbasum • تبسم

मुस्कान; आनंद की कोमल अभिव्यक्ति

smile; gentle expression of joy

مسکراہٹ; خوشی کا نرم اظہار

Arabic

होंठ तबस्सुम से गीले हैं जानाँ या'नी तुम ने कुछ मीठा सोचा है — Rohit Gustakh
ज़िक्र तबस्सुम का आते ही लगते हैं इतराने लोग और ज़रा सी ठेस लगी तो जा पहुँचे मयख़ाने लोग — Ateeq Allahabadi
मैं जिसे प्यार का अंदाज़ समझ बैठा हूँ वो तबस्सुम वो तकल्लुम तिरी आदत ही न हो — Sahir Ludhianvi
इतना सच बोल कि होंटों का तबस्सुम न बुझे रौशनी ख़त्म न कर आगे अँधेरा होगा — Nida Fazli
न उन लबों पे तबस्सुम न फूल शाख़ों पर गुज़र गए हैं जो मौसम गुज़रने वाले थे — Kaif Uddin Khan
दिलों को तेरे तबस्सुम की याद यूँँ आई कि जगमगा उठें जिस तरह मंदिरों में चराग़ — Firaq Gorakhpuri
कब बार-ए-तबस्सुम मिरे होंटों से उठेगा ये बोझ भी लगता है उठाएगा कोई और — Aanis Moin
ऐसे इक़रार में इनकार के सौ पहलू हैं वो तो कहिए कि लबों पे न तबस्सुम आए — Asad Bhopali

तब्बसुम एक मुस्कान की नाजुक और क्षणिक प्रकृति को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर उस सूक्ष्म सुंदरता और क्षणिक खुशी के पलों का प्रतीक होता है जो आत्मा को धीरे से छूते हैं और एक स्थायी छाप छोड़ते हैं।

कवि तब्बसुम का उपयोग कोमलता और आनंद की क्षणभंगुर प्रकृति को व्यक्त करने के लिए करते हैं। इसे अक्सर आँसुओं के साथ विपरीत रूप में प्रस्तुत किया जाता है, जो मानवीय भावनाओं की द्वैतता को उजागर करता है। कविता में एक मुस्कान एक मौन वार्तालाप, एक कोमल आश्वासन, या एक क्षणिक जुड़ाव का क्षण हो सकती है।

तब्बसुम जीवन की क्षणभंगुर खुशियों की कोमल याद दिलाता है। यह सादगी में पाई जाने वाली सुंदरता की फुसफुसाहट करता है।