Meaning of

तर्ज

tarj • طرز

शैली; तरीका

style; manner

انداز; طریقہ

Arabic

तेरी रंजिश खुली तर्ज-ए-बयाँ से न थी दिल में तो क्यूँँ निकली ज़बाँ से — Dagh Dehlvi
वो एक दिन जो तुझे सोचने में गुज़रा था तमाम उम्र उसी दिन की तर्जुमानी है — Abhishek shukla
कहाँ से चला था निग़ाहों में क्या था कहाँ जा रहा था मुझे सोचने दो मेरा साज़ क्या था मेरी तर्ज़ क्या थी मैं क्या गा रहा था मुझे सोचने दो — Obaid Azam Azmi
मिरी रूह की हक़ीक़त मिरे आँसुओं से पूछो मिरा मज्लिसी तबस्सुम मिरा तर्जुमाँ नहीं है — Mustafa Zaidi
इक तर्ज़-ए-तग़ाफ़ुल है सो वो उन को मुबारक इक अर्ज़-ए-तमन्ना है सो हम करते रहेंगे — Faiz Ahmad Faiz
अपने क़ातिल की ज़ेहानत से परेशान हूँ मैं रोज़ इक मौत नए तर्ज़ की ईजाद करे — Parveen Shakir
फिर वही होगी मुहब्बत और वही तर्ज़-ए-ख़ुलूस अपने ज़ेहनों से तसव्वुर को जुदा तो कीजिए — divya 'sabaa'
इस तरह मैं ने हवस पर इश्क़ को तरजीह दी उस का माथा चूमा भी तो हाथ रख के चूमा है — Intzar Akhtar

'तर्ज' अपने मूल में एक विशिष्ट शैली या तरीके को संदर्भित करता है। कविता में, यह कवि की अनूठी आवाज़ या हस्ताक्षर को पकड़ता है, जिस तरह से वे शब्दों और भावनाओं को अर्थ की एक बुनाई में पिरोते हैं।

कवि अक्सर अपनी व्यक्तिगत शैली को उजागर करने के लिए 'तर्ज' का उपयोग करते हैं। यह उनकी रचनात्मक पहचान का उत्सव है, जो उनके काम को दूसरों से अलग करता है। यह कविता के विषयगत या भावनात्मक स्वर को भी संदर्भित कर सकता है।

कविता में, 'तर्ज' व्यक्तित्व का सार है, कवि की अनूठी आवाज़ और दृष्टि का प्रमाण है।