मयकशी का मिले लुत्फ़ मुझ को ज़रामेरी आँखों से आँखें मिला हम-नवामैं ने देखा नहीं है मुकम्मल तुझेअपने रुख़ से तू पर्दा हटा हम-नवा— Danish Balliavi