कहाँ से चला था निग़ाहों में क्या था कहाँ जा रहा था मुझे सोचने दोमेरा साज़ क्या था मेरी तर्ज़ क्या थी मैं क्या गा रहा था मुझे सोचने दो— Obaid Azam Azmi