Meaning of

तलबग़ार

talabgaar • طلبگار

खोजकर्ता; आकांक्षी

seeker; aspirant

تلاش کرنے والا; خواہشمند

Persian

खूब पहचान लो असरार हूँ मैं जिंस ए उल्फ़त का तलबगार हूँ मैं — Asrar Ul Haq Majaz
दुनिया में हूँ दुनिया का तलबगार नहीं हूँ बाज़ार से गुज़रा हूँ ख़रीदार नहीं हूँ — Akbar Allahabadi
तुम सेे मिले ना थे तो कोई आरज़ू ना थी देखा तुझे तो तेरे तलबगार हो गए — Sultan
एक बोसे के तलबगार हैं हम और माँगे तो गुनहगार हैं हम — Unknown
साहिल के तलबगार ये पहले से समझ लें दरिया-ए-मोहब्बत के किनारे नहीं होते — Afsar Azri
हो भटकने का जिसे शौक़ मेरे साथ चले जो हो मंज़िल का तलबगार पलट जाए अभी — Shakir Dehlvi

तलबग़ार में लालसा और खोज की भावना होती है। यह हृदय की उस इच्छा को व्यक्त करता है जो तत्काल पकड़ से परे की चीज़ों को खोजने की होती है। कविता में, यह शब्द लालसा और पूर्णता की निरंतर खोज के सार को पकड़ता है।

कवि तलबग़ार का उपयोग प्रेम, ज्ञान, या आध्यात्मिक ज्ञान की गहरी लालसा को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर एक खोज में लगी आत्मा की तस्वीर को उभारता है, जो इच्छा और आशा के परिदृश्यों से गुजरती है।

तलबग़ार हृदय की अनंत यात्रा है, मानव आत्मा की अटल खोज का प्रमाण।