तिरा शहर मेरे सफ़र का भी हक़दार हैमिरा इश्क़ तेरी वफ़ा का तलबगार हैतिरे बा'द ये घाव मेरे भरे ही नहींअकेला मेरे मर्ज़ का तू गुनहगार है— Kaffir