Meaning of

ता'बीर

ta'beer • تعبیر

व्याख्या; स्वप्न व्याख्या

interpretation; dream interpretation

تشریح; خواب کی تعبیر

Arabic

यूँँ न कर वस्ल के लम्हों को हवस से ता'बीर चंद पत्ते ही तो तोड़े हैं शजर से मैं ने — Khurram Afaq
मैं ख़्वाब-ए-इश्क़ की ता'बीर में हूँ अभी मैं वादी-ए-कश्मीर में हूँ — Saarthi Baidyanath
इक हसीं ख़्वाब कि आँखों से निकलता ही नहीं एक वहशत है कि ता'बीर हुई जाती है — Ambreen Haseeb Ambar
जिन झूटे सच्चे ख़्वाबों की ता'बीर ग़म-ए-तन्हाई है उन झूटे सच्चे ख़्वाबों से तुम कब तक दिल बहलाओगे — Mushfiq Khwaja
तू है इक ख़्वाब मगर ख़्वाबों की कुछ तो ता'बीर हुआ करती है — Wajid Husain Sahil
अपने टूटे फूटे ख़्वाबों की ता'बीर बनाता हूँ मैं बिखरे लफ्ज़ों से काग़ज़ पर तस्वीर बनाता हूँ — Aves Sayyad

ता'बीर में स्वप्नों के भीतर छिपे अर्थों को समझने और उजागर करने का भार होता है। कविता में, यह अक्सर गहरे सत्य की खोज और अवचेतन मन के उद्घाटन का प्रतीक होता है।

कवि ता'बीर का उपयोग मन और आत्मा के रहस्यों की खोज के लिए करते हैं। यह अज्ञात में गहराई तक जाने का साधन है, उन उत्तरों की खोज के लिए जो सतह से परे हैं।

ता'बीर हमें स्पष्ट के परे देखने के लिए आमंत्रित करती है, हमारे सपनों की छायाओं में अर्थ खोजने के लिए।