ख़्वाबों की ता'बीर बनी है इक लड़कीमेरे मन की हीर बनी है इक लड़कीदुनिया तुझ को कब का छोड़ चुके होतेपैरों की ज़ंजीर बनी है इक लड़की— Vikas Sahaj