Vikas Sahaj

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@vikassahaj

Vikas Sahaj shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Vikas Sahaj's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

दुनिया मुझ को पागल करने वाली थी फिर मैं ने कुछ शे'र कहे और बच निकला — Vikas Sahaj
दरगाहों पर चढ़ने हैं या मंदिर में फूल नहीं खिलते हैं इस तैयारी से — Vikas Sahaj
दुनिया जिस ने जीती उस की ख़ातिर भी अब तक टेढ़ी खीर बनी है इक लड़की — Vikas Sahaj
किसी किसी को नसीब हैं ये उदासियाँ भी किसी को ये भी बता न पाए उदास लड़के — Vikas Sahaj
सब सेे अपनापन दिखलाने वाला मैं अपने घर में ग़ैर हुआ हूँ जान लो तुम — Vikas Sahaj
लोग खाते हैं तरस मुझ पे तो हैरत कैसी अपनी हालत पे मुझे ख़ुद भी तरस आता है — Vikas Sahaj
मैं तेरे पास वापस आ रहा हूँ दुबारा भेजना मत इस धरा पर — Vikas Sahaj
अँधेरों में भले ही साथ छोड़ा था हमारा मगर जब रौशनी लौटी तो साए लौट आए — Vikas Sahaj
मरने वाले को कब ये मालूम हुआ है पीछे मंज़र कितना दुखदाई होता है — Vikas Sahaj
मैं टाले जा रहा हूँ कल पे सब कुछ नहीं हो आज मेरा जिस सेे ज़ाया' — Vikas Sahaj
खड़ी है देह की जब तक इमारत बने रहना सदा आधार मोहन — Vikas Sahaj
अचानक छोड़ कर जाने से उस के मेरी ग़ज़लें अधूरी रह गई हैं — Vikas Sahaj

Ghazal