इसे कैसे करें स्वीकार मोहन
हमारी हो गई है हार मोहन
समर्पित ज़िंदगी कर दी तुम्हें, अब
तुम्हीं इस का करो उद्धार मोहन
निरन्तर लड़ रहे हैं हम सभी से
हमें भी तो सिखाओ प्यार मोहन
हमारी राधिका हम को पुकारे
कभी ये स्वप्न हो साकार मोहन
— Vikas Sahaj
हमारी हो गई है हार मोहन
समर्पित ज़िंदगी कर दी तुम्हें, अब
तुम्हीं इस का करो उद्धार मोहन
निरन्तर लड़ रहे हैं हम सभी से
हमें भी तो सिखाओ प्यार मोहन
हमारी राधिका हम को पुकारे
कभी ये स्वप्न हो साकार मोहन
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