टूटेंगे सपने शहज़ादी
तुम को हैं सहने शहज़ादी
छोड़ महल क्या आ पाओगी
हुजरे में रहने शहज़ादी
हम ने जन्म लिया था अब की
बस तुम पर मरने शहज़ादी
हम दोनों को छुप कर मिलते
देखा है सबने शहज़ादी
बस तुम पर ही जँचते हैं ये
फूलों के गहने शहज़ादी
क्या तुम को भी ये लगता है
ग़लत किया हम ने शहज़ादी
— Vikas Sahaj















