उदासियों को गले लगाए उदास लड़के

भटक रहे हैं फ़रेब खाए उदास लड़के

किसी किसी को नसीब हैं ये उदासियाँ भी
किसी को ये भी बता न पाए उदास लड़के

हज़ार दुख हैं दिलों में इन के जिन्हें छिपाकर
यहाँ सभी को हँसाने आए उदास लड़के

उदास रहना सही नहीं है ये जानकर भी
उदास रहना न छोड़ पाए उदास लड़के

किसी का काँधा नसीब होता तो ये भी सोते
तमाम रातें जगे जगाए उदास लड़के

— Vikas Sahaj

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Bekhayali Shayari

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