
तुम्हारे ख़त को जलने में ज़रा सा वक़्त बाकी है
ये दिल बाहर निकलने में ज़रा सा वक़्त बाकी है
तुम्हारा फ़ैसला है पास रुकना या नहीं रुकना
मेरी क़िस्मत बदलने में ज़रा सा वक़्त बाकी है
— Tanoj Dadhich
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