
उस ने गले से हम को लगाया तो रो पड़े
अपना बना के हाथ छुड़ाया तो रो पड़े
मैं ने ग़मों से कह तो दिया रहना उम्र भर
वा'दा ग़मों ने अपना निभाया तो रो पड़े
— Vikas Sahaj
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