Meaning of

दगा

Daga • دغا

विश्वासघात; छल; धोखा

betrayal; deceit; treachery

دھوکہ; فریب; غداری

Persian

सभी को है ख़बर याँ उन की फ़ितरत है दग़ा करना
बहुत आसान है आशिक़ को इस दिल से जुदा करना

दग़ाबाज़ों की महफ़िल से ये इक आवाज़ आई है
बहुत दुश्वार है 'दानिश' मुहब्बत में वफ़ा करना

15

Download Image

सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ
ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ

128

Download Image

न हुआ नसीब क़रार-ए-जाँ हवस-ए-क़रार भी अब नहीं
तिरा इंतिज़ार बहुत किया तिरा इंतिज़ार भी अब नहीं

तुझे क्या ख़बर मह-ओ-साल ने हमें कैसे ज़ख़्म दिए यहाँ
तिरी यादगार थी इक ख़लिश तिरी यादगार भी अब नहीं

86

Download Image

कई क़िस्से अधूरे रह गए अपनी कहानी में
चले आए हैं बचपन को गँवा के नौजवानी में

हवाएँ जो बग़ावत पर उतर आई हैं आख़िर में
किसी तूफ़ान की दस्तक है मेरी ज़िंदगानी में

45

Download Image

मेरे बिन होगी हाँ ये ज़िन्दगी तेरी मुकम्मल भी
कि तेरे बिन अधूरी ये तो मेरी ज़िंदगानी है

ज़रूरी है नहीं अब तो मुझे तस्वीर ये तेरी
खड़ी है सामने तू और इन आँखों में पानी है

36

Download Image

जान तुझ पर कुछ ए'तिमाद नहीं
ज़िंदगानी का क्या भरोसा है

24

Download Image

यक़ीं मोहकम अमल पैहम मोहब्बत फ़ातेह-ए-आलम
जिहाद-ए-ज़िंदगानी में हैं ये मर्दों की शमशीरें

22

Download Image

वो कहते हैं मैं ज़िंदगानी हूँ तेरी
ये सच है तो उन का भरोसा नहीं है

17

Download Image

फ़िक्र-ए-ता'मीर' में न रह मुनइम
ज़िंदगानी की कुछ भी है बुनियाद

17

Download Image

जिन पे होता है बहुत दिल को भरोसा 'ताबिश'
वक़्त पड़ने पे वही लोग दग़ा देते हैं

16

Download Image

सभी को है ख़बर याँ उन की फ़ितरत है दग़ा करना
बहुत आसान है आशिक़ को इस दिल से जुदा करना

दग़ाबाज़ों की महफ़िल से ये इक आवाज़ आई है
बहुत दुश्वार है 'दानिश' मुहब्बत में वफ़ा करना

15

Download Image

सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ
ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ

128

Download Image

दगा गहरे विश्वासघात की भावना को व्यक्त करता है, विश्वास में एक ऐसा दरार जो स्थायी निशान छोड़ देता है। कविता में, यह अक्सर टूटे हुए वादों के दर्द और मानवीय संबंधों की नाजुकता का प्रतीक होता है।

कवि 'दगा' का उपयोग विश्वास और विश्वासघात के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह प्रेमी के छल या मित्र की गद्दारी की छवि को जागृत कर सकता है। यह शब्द भावनात्मक तीव्रता का भार वहन करता है, जो अक्सर वफादारी और निष्ठा के विषयों के विपरीत होता है।

कविता में दगा विश्वास के नाजुक संतुलन की एक मार्मिक याद दिलाता है। यह दिल की भंगुरता और उसके उल्लंघन के दर्द को पकड़ता है।