मेरे बिन होगी हाँ ये ज़िन्दगी तेरी मुकम्मल भीकि तेरे बिन अधूरी ये तो मेरी ज़िंदगानी हैज़रूरी है नहीं अब तो मुझे तस्वीर ये तेरीखड़ी है सामने तू और इन आँखों में पानी है— Divya 'Kumar Sahab'