Meaning of

दहशत

dahshat • دہشت

आतंक; भय; डर

terror; fear; dread

دہشت; خوف; ڈر

Arabic

सब ने माना मरने वाला दहशत-गर्द और क़ातिल था माँ ने फिर भी क़ब्र पे उस की राज-दुलारा लिक्खा था — Ahmad Salman
आरज़ू' जाम लो झिजक कैसी पी लो और दहशत-ए-गुनाह गई — Arzoo Lakhnavi
मुझ में सात समुंदर शोर मचाते हैं एक ख़याल ने दहशत फैला रक्खी है — Saqi Faruqi
दर्स मुहब्बत का हम ही देते फिरते हैं और हमीं को दुनिया दहस्तगर कहती है — Irshad Siddique "Shibu"
दिलों में बसे जिन के दहशत मुसलसल ख़मोशी है उन की जहालत मुसलसल — Reshma Shaikh

'दहशत' भय की तीव्र भावना को व्यक्त करता है, जो अक्सर भारी और पंगु बना देता है। कविता में, यह आतंक की ठंडी पकड़ और मानव आत्मा पर डाले गए उसके साये को पकड़ता है।

कवि 'दहशत' का प्रयोग मानव मनोविज्ञान के अंधेरे पहलुओं की खोज के लिए करते हैं। यह आत्मा की मौन चीख या छायाओं में छिपे शांत भय को व्यक्त कर सकता है।

'दहशत' भय की गूंज है, भीतर बसे सायों की याद दिलाती है।