रौशन आग़ाज़-ए-इश्क़ है ये इक तरफ़ा चाहत होगी हीमहबूब अगर अच्छा है तो खोने की दहशत होगी हीइस बे-ग़ैरत दुनिया में इक मुफ़्लिस उम्मीद लगा बैठाहो देर भले साहिब लेकिन अल्लाह की रहमत होगी ही— Raushan miyaa'n