Meaning of

नख़रे

nakhre • نخرے

नखरे; दिखावा; बनावट

airs; pretensions; affectations

نخرے; دکھاوا; بناوٹ

Persian

बहुत मेकअप लगाती है, हमें नखरे दिखाती है
कभी नज़रें चुराती है कभी हम को सताती है

नज़र उस की करे घाइल लबों का काम है मरहम
मुहब्बत दर्द देती है मगर जीना सिखाती है

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तू तो फिर अपनी जान है तेरा तो ज़िक्र क्या
हम तेरे दोस्तों के भी नख़रे उठाएँगे

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नाज़-ओ-नख़रे क्या उठाए, क्या सुने उस के गिले
देखते ही देखते लड़की घमंडी हो गई

देखते रहने में उस को और क्या होता, मगर
जो थी जान-ए-आरज़ू, वो चाय ठंडी हो गई

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न सरकारी हो बन्दा तो कोई लड़की नहीं देता
बचीं थी नौकरी जो भी वो सारी खा गऐ नेता

पता होता के अच्छे दिन मिलेंगे इस तरीके से
बिना नखरे दिखाए मैं तो कब का ब्याह कर लेता

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मैं ने तुम से मोहब्बत करी है सनम
नाज़ नख़रे उठाऊँ तो क्या हर्ज है

तुम मेरे हो मेरे हो मेरे बस मेरे
तुम को अपना बताऊॅं तो क्या हर्ज है

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उफ़ ये अदाएँ उफ़ ये नख़रे तुम तो क़यामत ढाती हो
लेकिन ये बतलाओ जानाँ अब किस को बहलाती हो

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नख़रे उन ख़्वाबों के बड़े होंगे
जिन को वो रोज़ देखती होगी

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इतना सुंदर रूप ख़ुदा ने ऐसे ही थोड़ी बख़्शा है
नखरें कर तू रूठ मिरी जाँ ये तो तेरा हक़ बनता है

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उस के लहज़े में कलाकारी नहीं थी
नखरे थे उस के अदाकारी नहीं थी

अरक़म उस का बस तख़ल्लुस ही वफ़ा था
पर बाकी उस में वफादारी नहीं थी

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नए इस साल में क्या ही नया है
तिरा ग़ुस्सा वही नख़रे वही हैं

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बहुत मेकअप लगाती है, हमें नखरे दिखाती है
कभी नज़रें चुराती है कभी हम को सताती है

नज़र उस की करे घाइल लबों का काम है मरहम
मुहब्बत दर्द देती है मगर जीना सिखाती है

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तू तो फिर अपनी जान है तेरा तो ज़िक्र क्या
हम तेरे दोस्तों के भी नख़रे उठाएँगे

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नखरे शब्द एक मोहक अहंकार या आकर्षक दिखावे की भावना को जगाता है। अपने मूल अर्थ में, यह उन छोटे, अक्सर अतिरंजित इशारों को संदर्भित करता है जो ध्यान या प्रशंसा आकर्षित करने के लिए उपयोग किए जाते हैं। कविता ने इस शब्द को आकर्षण और आकर्षण के नाजुक नृत्य की थीम को खोजने के लिए अपनाया है।

कवि अक्सर 'नखरे' का उपयोग प्रेम और आकर्षण की खेलपूर्ण लेकिन जटिल गतिशीलता को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह प्रिय के मोहक विरोध का प्रतीक हो सकता है। यह ईमानदारी के विपरीत है, मानव बातचीत में बनावट को उजागर करता है।

कविता में, 'नखरे' मानव आकर्षण और आकर्षण की सूक्ष्म कला का सार पकड़ता है। यह हमें प्रामाणिकता और बनावट के बीच नाजुक संतुलन की याद दिलाता है।