
बहुत मेकअप लगाती है, हमें नखरे दिखाती है
कभी नज़रें चुराती है कभी हम को सताती है
नज़र उस की करे घाइल लबों का काम है मरहम
मुहब्बत दर्द देती है मगर जीना सिखाती है
— Kavi Naman bharat
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