Meaning of

नज़रे

nazre • نظرے

दृष्टिकोण; विचारधाराएँ

views; perspectives

نظریات; خیالات

Arabic

कभी बुज़दिल भी लिख देंगे हाँ तेरी शान में हैवान लिख देंगे
न कर साज़िश हमारे मुल्क पर यूँँ जंग का एलान लिख देंगे

बुरी नज़रें अगर तू डाल देगा इस तिरंगे पर तो दुश्मन सुन
उठा कर अपनी हम तलवार तेरे दिल पे हिंदुस्तान लिख देंगे

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मुझ को उस की नज़रे अपने चेहरे पर महसूस हुई
इस का मतलब उस ने मेरी तस्वीरों को देखा हैं

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ये साँसें तो माला सी हैं
सुमरन तेरा हर-पल निकले

अपनी नज़रें हम पर तो कर
आतप में तब आँचल निकले

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जिस तरफ़ तू है उधर होंगी सभी की नज़रें
ईद के चाँद का दीदार बहाना ही सही

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हमें जिन की हिमायत चाहिए थी
वही नज़रें चुरा कर जा रहे हैं

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इश्क़ को जब हुस्न से नज़रें मिलाना आ गया
ख़ुद-ब-ख़ुद घबरा के क़दमों में ज़माना आ गया

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रुकें तो धूप से नज़रें बचाते रहते हैं
चलें तो कितने दरख़्त आते जाते रहते हैं

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है किसी जालिम उदू की घात दरवाज़े में है
या मसाफ़त है नई या रात दरवाज़े में है

जिस तरहा उठती है नजरें बे-इरादा बार-बार
साफ़ लगता है के कोई बात दरवाज़े में

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सादगी मेरी तुम न समझोगे
बे-वफ़ा से मुझे मुहब्बत है

जिन की नज़रें हैं क़ातिलाना बहुत
उन को काजल की क्या ज़रूरत है

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जब भी उठी हैं नज़रें मैं ने तुझे ही देखा
जब भी झुकी हैं नज़रे आगे तेरे झुकी है

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कभी बुज़दिल भी लिख देंगे हाँ तेरी शान में हैवान लिख देंगे
न कर साज़िश हमारे मुल्क पर यूँँ जंग का एलान लिख देंगे

बुरी नज़रें अगर तू डाल देगा इस तिरंगे पर तो दुश्मन सुन
उठा कर अपनी हम तलवार तेरे दिल पे हिंदुस्तान लिख देंगे

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मुझ को उस की नज़रे अपने चेहरे पर महसूस हुई
इस का मतलब उस ने मेरी तस्वीरों को देखा हैं

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'नज़रे' शब्द उन विविध दृष्टिकोणों को समेटे हुए है जिनके माध्यम से हम दुनिया को देखते हैं। यह दृष्टिकोणों की बहुलता का सुझाव देता है, जो व्यक्तिगत अनुभव और विश्वास से रंगे होते हैं।

कवि 'नज़रे' का उपयोग मानव विचार की विविधता में गहराई से जाने के लिए करते हैं। यह विभिन्न विश्वासों के बीच के अंतर या साझा समझ में पाई जाने वाली सामंजस्य को उजागर कर सकता है।

कविता में, 'नज़रे' हमें अनगिनत आँखों से दुनिया को देखने के लिए आमंत्रित करता है, प्रत्येक अपनी सच्चाई के साथ।