Meaning of

नभ

nabh • نبھ

आकाश; गगन; स्वर्ग

sky; firmament; heaven

آسمان; فلک; جنت

Sanskrit

किसी से कोई भी उम्मीद रखना छोड़ कर देखो
तो ये रिश्ते निभाना किस क़दर आसान हो जाए

59

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लोग हर मोड़ पे रुक रुक के सँभलते क्यूँँ हैं
इतना डरते हैं तो फिर घर से निकलते क्यूँँ हैं

मोड़ होता है जवानी का सँभलने के लिए
और सब लोग यहीं आ के फिसलते क्यूँँ हैं

134

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रख के हर चीज़ भूलने वाली
ला तेरा दिल सँभाल कर रख दूँ

99

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उन की सोहबत में गए सँभले दोबारा टूटे
हम किसी शख़्स को दे दे के सहारा टूटे

ये अजब रस्म है बिल्कुल न समझ आई हमें
प्यार भी हम ही करें दिल भी हमारा टूटे

95

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तेरी ख़ता नहीं जो तू ग़ुस्से में आ गया
पैसे का ज़ो'म था तेरे लहजे में आ गया

सिक्का उछालकर के तेरे पास क्या बचा
तेरा ग़ुरूर तो मेरे काँसे में आ गया

79

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मुस्कुरा बैठे हैं तुझ को मुस्कुराता देख कर
वरना तेरी मुस्कराहट की क़सम ग़ुस्से में हैं

73

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मैं जो हूँ 'जौन-एलिया' हूँ जनाब
इस का बेहद लिहाज़ कीजिएगा

67

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अक्सर ही ज़ख़्म इश्क़ में पाले हैं औरतें
पर कितने टूटे मर्द सँभाले हैं औरतें

64

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गीत लिक्खे भी तो ऐसे के सुनाएँ न गए
ज़ख़्म यूँँ लफ़्ज़ों में उतरे के दिखाएँ न ग‌ए

आज तक रक्खे हैं पछतावे की अलमारी में
एक दो वादे जो दोनों से निभाएँ न गए

63

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ग़ुस्से में भींच लेता है बाँहों में अपनी वो
क्या सोचना है फिर उसे ग़ुस्सा दिलाइए

62

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किसी से कोई भी उम्मीद रखना छोड़ कर देखो
तो ये रिश्ते निभाना किस क़दर आसान हो जाए

59

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लोग हर मोड़ पे रुक रुक के सँभलते क्यूँँ हैं
इतना डरते हैं तो फिर घर से निकलते क्यूँँ हैं

मोड़ होता है जवानी का सँभलने के लिए
और सब लोग यहीं आ के फिसलते क्यूँँ हैं

134

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'नभ' शब्द आकाश की विशालता और रहस्य को दर्शाता है, एक असीम विस्तार जो हमेशा से विस्मय और चिंतन को प्रेरित करता रहा है। कविता में, यह अक्सर स्वतंत्रता, सपनों और उन अनंत संभावनाओं का प्रतीक होता है जो धरती के पार मौजूद हैं।

कवि 'नभ' का उपयोग एक प्रकार की लालसा और आकांक्षा को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अप्राप्य या दिव्य का प्रतिनिधित्व कर सकता है। अक्सर धरती के साथ विपरीत रूप में, यह सांसारिक और दिव्य के बीच के तनाव को उजागर करता है।

'नभ' की विशालता में, कवि अपनी गहरी इच्छाओं और दिव्य सपनों के लिए एक कैनवास पाते हैं।