Meaning of

नाज़

naaz • ناز

गर्व; शान; सुंदरता

pride; elegance; grace

فخر; شان; خوبصورتی

Persian

जनाज़े पर मेरे लिख देना यारों मोहब्बत करने वाला जा रहा है — Rahat Indori
है राम के वजूद पे हिन्दोस्ताँ को नाज़ अहल-ए-नज़र समझते हैं उस को इमाम-ए-हिंद — Allama Iqbal
छू लेने दो नाज़ुक होंठों को, कुछ और नहीं हैं जाम हैं ये क़ुदरत ने जो हम को बख़्शा है, वो सब सेे हसीं ईनाम हैं ये — Sahir Ludhianvi
कुर्सी है तुम्हारा ये जनाज़ा तो नहीं है कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यूँ नहीं जाते — Irtiza Nishat
तुम उन के वा'दे का ज़िक्र उन से क्यूँँ करो 'ग़ालिब' ये क्या कि तुम कहो और वो कहें कि याद नहीं — Mirza Ghalib
किसी से छोटी सी एक उम्मीद बाँध लीजिए मोहब्बतों का अगर जनाज़ा निकालना है — Shakeel Jamali
है नाज़ मुझ को अपनी हिंदी ज़बाँ पे यारो हिंदी हैं हम वतन हैं ये देश सब सेे आला — Dr Mohsin Khan
नाज़ुकी उस के लब की क्या कहिए पंखुड़ी इक गुलाब की सी है — Meer Taqi Meer

नाज़ एक ऐसा गर्व है जो कोमल और सुंदर है। यह अपनी महत्ता की ऊँची घोषणा नहीं है, बल्कि अपनी सुंदरता की शांत और गरिमामयी स्वीकृति है। कविता में, नाज़ अक्सर आत्मविश्वास और विनम्रता के बीच के नाजुक संतुलन को दर्शाता है।

कवि नाज़ का उपयोग प्रिय की सूक्ष्म गर्व को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर प्रकृति की सुंदरता या किसी क्षण की शांत गरिमा से जुड़ा होता है। नाज़ अहंकार के विपरीत है, जो मृदु आत्मविश्वास की सुंदरता को उजागर करता है।

नाज़ आत्म-जागरूकता की शांत शक्ति है, अपनी महत्ता की कोमल याद दिलाता है।