Meaning of

नाजुक़ी

naazuki • نازکی

नाज़ुकता; कोमलता

delicacy; fragility

نازکی; لطافت

Persian

तुम उन के वा'दे का ज़िक्र उन से क्यूँँ करो 'ग़ालिब' ये क्या कि तुम कहो और वो कहें कि याद नहीं — Mirza Ghalib
तिरी तस्वीर तो वा'दे के दिन खिंचने के क़ाबिल है कि शरमाई हुई आँखें हैं घबराया हुआ दिल है — Nazeer Allahabadi
उस के वा'दे का ए'तिबार मत करना वो नइँ आएगी इंतिज़ार मत करना — Saurabh Chauhan 'Kohinoor'
है ग़ज़ल की नाज़ुकी या बेवफ़ाई- ए-ग़ज़ाला रो रहे हैं इश्क़ के सब शे'र मेरी हर ग़ज़ल के — A R Sahil "Aleeg"
वा'दे कर के जो छोड़ चले आधे रस्ते में उन के पीछे नंगे पा दौड़ नहीं सकते हम — Sandeep dabral 'sendy'
नाज़ुकी उस के लब की क्या कहिए पंखुड़ी इक गुलाब की सी है — Meer Taqi Meer
जनाब-ए-मीर के लहजे की नाज़ुकी की तरह तुम्हारे लब हैं गुलाबों की पंखुड़ी की तरह — SALIM RAZA REWA
है ग़ज़ल की नाज़ुकी या बेवफ़ाई-ए-ग़ज़ाला रो रहें हैं सब के सब अश'आर मेरी हर ग़ज़ल के — A R Sahil "Aleeg"
बात सब्र की हम सेे तुम न करो तो ठीक रहेगा अब इक वा'दे के पीछे सारी उम्र खपा दी है हम ने — Sandeep dabral 'sendy'

'नाजुक़ी' शब्द कोमल सुंदरता का आभास कराता है, जो कीमती और नाज़ुक होती है। कविता में, यह अक्सर सुंदरता की क्षणभंगुरता और उसके साथ आने वाली असुरक्षा का प्रतीक होता है।

कवि अक्सर 'नाजुक़ी' का उपयोग किसी क्षण या भावना की नाज़ुक सुंदरता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। इसे ताकत या स्थायित्व के विपरीत रखा जा सकता है, जो जीवन की क्षणभंगुरता को उजागर करता है।

'नाजुक़ी' हमें नाज़ुकता में सुंदरता की याद दिलाती है, हमें क्षणभंगुर पलों को संजोने के लिए प्रेरित करती है।