Meaning of

नाहक़

naahak • ناحق

अन्यायपूर्ण; अनावश्यक

unjust; unnecessary

ناانصافی; غیر ضروری

Arabic

नाहक़ हम मजबूरों पर ये तोहमत है मुख़्तारी की चाहते हैं सो आप करें हैं हम को अबस बदनाम किया — Meer Taqi Meer
मुरझा गया गुलाब तो अफ़सोस ये हुआ नाहक़ जुदा किया उसे शाख़ों से तोड़ कर — Gulshan

'नाहक़' शब्द अन्याय और व्यर्थता की भावना को जागृत करता है। अपने मूल अर्थ में, यह उन कार्यों या स्थितियों की बात करता है जिनमें कोई औचित्य या आवश्यकता नहीं होती। कविता ने इस शब्द को अस्तित्वगत प्रश्नों की खोज के लिए अपनाया है, जहाँ कुछ प्रयासों या भावनाओं की व्यर्थता को उजागर किया जाता है।

कवि अक्सर 'नाहक़' का उपयोग प्रेम या संघर्ष की व्यर्थता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह मानवीय प्रयासों की बेतुकापन को उजागर कर सकता है। यह शब्द उन शब्दों के विपरीत है जो उद्देश्य या पूर्ति को दर्शाते हैं।

'नाहक़' अपनी शांत विलाप में अधूरी इच्छाओं और दिल की मौन पुकारों का सार पकड़ता है।