Meaning of

ना-वाक़िफ़

na-waaqif • نا واقف

अनजान; अज्ञानी

unaware; ignorant

ناواقف; جاہل

Arabic

माँ के होने की अज़मत से हो तुम भी ना वाक़िफ
क्या है ज़िंदगी बिन माँ पूछो ये यतीमों से

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तज़ुर्बा ये हुआ है ज़िन्दगी में
न होता कोई अपना मुफ़लिसी में

ज़बाँ ज़ख़्मों को मेरे मिल गई है
उन्हें शामिल किया जब शा'इरी में

ग़ज़ब का दिल बनाया है ख़ुदा ने
छलक पड़ते हैं आँसू भी ख़ुशी में

ख़ुशी का एक लम्हा कीमती है
हज़ारों ग़म हैं लेकिन ज़िन्दगी में

बुरा हूँ मैं मुझे अच्छा कहा है
शराबी ने यक़ीनन बेख़ुदी में

मुझे हँसता हुआ देखा तो कहते वो
कोई तो बात है इस आदमी में

मेरे रब मुझ को ये तौफ़ीक़ दे दे
रहूँ हँसता सदा ग़म और ख़ुशी में

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है ज़माना हम से ना-वाक़िफ अभी
नाम अपना ख़ुद बताना पड़ता है

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माँ के होने की अज़मत से हो तुम भी ना वाक़िफ
क्या है ज़िंदगी बिन माँ पूछो ये यतीमों से

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तज़ुर्बा ये हुआ है ज़िन्दगी में
न होता कोई अपना मुफ़लिसी में

ज़बाँ ज़ख़्मों को मेरे मिल गई है
उन्हें शामिल किया जब शा'इरी में

ग़ज़ब का दिल बनाया है ख़ुदा ने
छलक पड़ते हैं आँसू भी ख़ुशी में

ख़ुशी का एक लम्हा कीमती है
हज़ारों ग़म हैं लेकिन ज़िन्दगी में

बुरा हूँ मैं मुझे अच्छा कहा है
शराबी ने यक़ीनन बेख़ुदी में

मुझे हँसता हुआ देखा तो कहते वो
कोई तो बात है इस आदमी में

मेरे रब मुझ को ये तौफ़ीक़ दे दे
रहूँ हँसता सदा ग़म और ख़ुशी में

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ना-वाक़िफ़ मासूमियत या अनभिज्ञता की भावना को व्यक्त करता है, जो अक्सर न जानने की पवित्रता को उजागर करता है। कविता में, यह अनछुए दृष्टिकोणों की सुंदरता को रेखांकित कर सकता है।

कवि इसका उपयोग उन पात्रों को चित्रित करने के लिए कर सकते हैं जो कठोर वास्तविकताओं से अनजान हैं। यह युवावस्था की अनछुई मासूमियत का भी प्रतीक हो सकता है।

ना-वाक़िफ़ उस मासूमियत की नाजुक सुंदरता को पकड़ता है जो अक्सर बहुत जानकार दुनिया में होती है।