Meaning of

ना-हक़

na-haq • ناحق

अन्यायपूर्ण; अकारण

unjust; undeserved

ناانصافی; بلاوجہ

Arabic

नाहक़ हम मजबूरों पर ये तोहमत है मुख़्तारी की चाहते हैं सो आप करें हैं हम को अबस बदनाम किया — Meer Taqi Meer
मुरझा गया गुलाब तो अफ़सोस ये हुआ नाहक़ जुदा किया उसे शाख़ों से तोड़ कर — Gulshan

ना-हक़ शब्द में नैतिक प्रश्नों का भार होता है, जो अक्सर न्याय या निष्पक्षता की अनुपस्थिति को उजागर करता है। कविता में, यह शिकायत की भावना और दुनिया के अन्याय के खिलाफ मौन चीखों को व्यक्त करता है।

कवि अक्सर ना-हक़ का उपयोग अनदेखे दुःख की गहरी पीड़ा को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह न्याय के शब्दों के साथ विरोधाभास करता है, जिससे एक मार्मिक तनाव उत्पन्न होता है। यह एक ऐसी दुनिया में विरोध की निरर्थकता को भी व्यक्त कर सकता है जो निष्पक्षता के प्रति उदासीन है।

ना-हक़ आत्मा के मौन संघर्षों के साथ गूंजता है, दुनिया की अपूर्णताओं की याद दिलाता है।