Meaning of

निसा

nisa • نسا

महिलाएँ; स्त्रियाँ

women; females

عورتیں; خواتین

Arabic

पड़ी रहने दो इंसानों की लाशें ज़मीं का बोझ हल्का क्यूँँ करें हम — Jaun Elia
इंसान अपने आप में मजबूर है बहुत कोई नहीं है बे-वफ़ा अफ़्सोस मत करो — Bashir Badr
मेरी नम आँखों में सावन देखते हैं ये उम्र भर रोते रहो इनको हँसाने में — nakul kumar
मैं तुझे खो के भी ज़िंदा हूँ ये देखा तू ने किस क़दर हौसला हारे हुए इंसान में है — Abbas Tabish
तू हिन्दू बनेगा न मुसलमान बनेगा इंसान की औलाद है इंसान बनेगा — Sahir Ludhianvi
मैं तो सफों के दरमियाँ कब से पड़ा हूँ नीम जाँ, मेरे तमाम जाँ निसार मेरे लिए तो मर गए — Jaun Elia
मेरे कमरे में उदासी है क़यामत की मगर एक तस्वीर पुरानी सी हँसा करती है — Abbas Qamar

अपने मूल अर्थ में, 'निसा' महिलाओं को संदर्भित करता है, जो स्त्रीत्व की भावना और समाज में महिलाओं की भूमिकाओं को समेटे हुए है। कविता ने इस शब्द को सुंदरता, शक्ति और महिलाओं द्वारा अक्सर धारण की जाने वाली मौन सहनशीलता के विषयों को खोजने के लिए अपनाया है।

'निसा' का उपयोग कवि अक्सर स्त्रीत्व की गरिमा और रहस्य को उजागर करने के लिए करते हैं। यह जीवन के पोषणकारी पहलू या विपत्ति में पाई जाने वाली मौन शक्ति का प्रतीक हो सकता है। यह शब्द पुरुषवादी छवियों के साथ विपरीतता में भी प्रयोग किया जा सकता है ताकि लिंग गतिशीलता को उजागर किया जा सके।

कविता में, 'निसा' स्त्रीत्व की गहन गहराइयों का पता लगाने के लिए एक माध्यम बन जाता है। यह शक्ति और संवेदनशीलता के नाजुक संतुलन पर चिंतन के लिए आमंत्रित करता है।