Meaning of

निग़ाह

nigah • نگاہ

नज़र; दृष्टि; देखना

glance; gaze; sight

نظر; دید; دیکھنا

Persian

अगर है इश्क़ सच्चा तो निगाहों से बयाँ होगा ज़बाँ से बोलना भी क्या कोई इज़हार होता है — Bhaskar Shukla
सौ सौ उमीदें बँधती है इक इक निगाह पर मुझ को न ऐसे प्यार से देखा करे कोई — Allama Iqbal
आप को मैं ने निगाहों में बसा रक्खा है आइना छोड़िए आईने में क्या रक्खा है — Hina taimuri
जैसे मेरी निगाह ने देखा न हो कभी महसूस ये हुआ तुझे हर बार देख कर — Shad Azimabadi
निगाहें फेर ली घबरा के मैं ने वो तुम से ख़ूब-सूरत लग रही थी — Fahmi Badayuni
वो मेरी पीठ में ख़ंजर ज़रूर उतारेगा मगर निगाह मिलेगी तो कैसे मारेगा — Waseem Barelvi
सब कुछ तो है क्या ढूँडती रहती हैं निगाहें क्या बात है मैं वक़्त पे घर क्यूँँ नहीं जाता — Nida Fazli

निग़ाह एक नज़र की गहराई और तीव्रता को पकड़ता है। यह सिर्फ एक साधारण झलक नहीं है, बल्कि एक गहरी दृष्टि है जो भावनाओं, इरादों और अनकहे शब्दों को व्यक्त कर सकती है। कविता में, यह अक्सर प्रेम, लालसा या आत्मनिरीक्षण का प्रतीक होता है।

कवि प्रेम और इच्छा के विषयों की खोज के लिए निग़ाह का उपयोग करते हैं। यह प्रेमियों के बीच की मौन संचार या एकांत आत्मा की आत्मनिरीक्षण दृष्टि का प्रतिनिधित्व कर सकता है। अक्सर क्षणिक झलकियों के विपरीत होता है।

निग़ाह आत्मा की खिड़की है, जो दिल के मौन संवादों को पकड़ती है। यह दोनों ही प्रकट करने वाला और छिपाने वाला है।