Meaning of

पनाह

panaah • پناہ

आश्रय; शरण; सुरक्षा

shelter; refuge; sanctuary

پناہ; پناہ گاہ; حفاظت

Persian

देर तक हँसते रहे आलमपनाह डर के मारे मस्ख़रे रोने लगे — Rajesh Reddy
तिरे सिवा भी कहीं थी पनाह भूल गए निकल के हम तिरी महफ़िल से राह भूल गए — Majrooh Sultanpuri
बेवजह ही मर गया है वो किसी की याद में बुज़दिलों को इश्क़ से कुछ दूर होना चाहिए — Subhash Ehsaas
उम्र भर मैं ने चाहा जिसे बे-पनाह काट कर उम्र भी उस को पाया नहीं — Rakesh Mahadiuree
इन से बचना कि बिछाते हैं पनाहें पहले फिर यही लोग कहीं का नहीं रहने देते — Sagheer Malal

‘पनाह’ शब्द सुरक्षा और संरक्षण की भावना को जागृत करता है। अपने मूल अर्थ में, यह एक भौतिक या रूपक स्थान को संदर्भित करता है जहाँ कोई सांत्वना और सुरक्षा पाता है। कविता ने इस अवधारणा को भावनात्मक और आध्यात्मिक आश्रयों तक विस्तारित किया है, जहाँ आत्मा उथल-पुथल के बीच आराम की खोज करती है।

कवि अक्सर 'पनाह' का उपयोग अराजकता के बीच एक आश्रय के रूप में करते हैं। यह प्रियजन के आलिंगन, प्रकृति की शांति, या एकांत में पाए गए शांति का प्रतीक हो सकता है। यह शब्द उथल-पुथल के विपरीत स्थिरता की लालसा को उजागर करता है।

काव्यिक क्षेत्र में, 'पनाह' शांति की अनंत खोज का प्रतीक बन जाता है। यह हमारे भीतर और हमारे चारों ओर खोजे जाने वाले आश्रयों की एक कोमल याद दिलाता है।