Meaning of

फर्दा

fardaa • فردا

कल; भविष्य

tomorrow; future

کل; مستقبل

Persian

फ़र्दा हो कि पस-ए-फ़र्दा मुझ को अब उम्मीद नहीं — Lekhak Suyash
ग़म-ए-फ़र्दा न मरने और जीने दे 'मनोहर' अब दिलों दिल में उसी से क्यूँँ उदासी ख़ूब छा जाती — Manohar Shimpi
मैं कहाँ ये कह रहा फलदार होना चाहिए था कम-से-कम ये पेड़ साया-दार होना चाहिए था — Deenbandhu Jaiswal
फलदार पेड़ पर साहब पत्थर हज़ार चलते हैं — Kumar Aryan
मैं हूँ और वादा-ए-फ़र्दा तेरा और इक उम्र पड़ी हो जैसे — Rajinder Manchanda Bani

अपने मूल में, 'फर्दा' उस दिन का प्रतीक है जो अभी आना बाकी है, आशा और प्रत्याशा का प्रतीक। कविता ने इसे रहस्य और अज्ञात की भावना से भर दिया है, अक्सर इसका उपयोग उन सपनों और भय को खोजने के लिए किया जाता है जो भविष्य में होते हैं।

कवि अक्सर 'फर्दा' का उपयोग उस चीज़ के लिए लालसा की भावना को जगाने के लिए करते हैं जो अभी होना बाकी है। यह संभावनाओं और संभावनाओं के चित्रण के लिए एक कैनवास है, साथ ही उन अनिश्चितताओं के लिए जो आगे हैं।

फर्दा क्षितिज के परे क्या है, इसका एक काव्यात्मक फुसफुसाहट है, जो वादा और रहस्य दोनों की याद दिलाता है।