Meaning of

फ़क़ीरों

faqeeron • فقیروں

भिखारी; संन्यासी; आध्यात्मिक साधक

beggars; ascetics; spiritual seekers

فقیر; سنیاسی; روحانی طالب

Arabic

आह से उन की हुकूमत न पलट जाए कहीं
हुक्मराँ हो के फ़क़ीरों को सताया न करो

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बना कर फ़क़ीरों का हम भेस 'ग़ालिब'
तमाशा-ए-अहल-ए-करम देखते हैं

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तुम्हारी गालियों का अब असर होता नहीं मुझ पर
ज़रा ही देर बैठा था मैं सोहबत में फकीरों की।

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मैं ने आ'साब को पत्थर का बना रक्खा है
एक दिल है कि जो बनता नहीं पत्थर जैसा

हम फ़क़ीरों को कभी रास न आया वरना
हम ने पाया था मुक़द्दर तो सिकंदर जैसा

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हम फ़क़ीरों की सूरतों पे न जा
हम कई रूप धार लेते हैं

ज़िंदगी के उदास लम्हों को
मुस्कुरा कर गुज़ार लेते हैं

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फ़क़ीरों से न पूछो तुम ख़ुदा ने क्या दिया उन को
ये वो बंदे हैं जिन को अब ख़ुदा से चोट लगती है

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क्यूँ किया करते हो तुम ज़ुल्म मुसलसल हम पर
तुम हो इंसान तो फिर इस का हवाला दे दो

तुम को है नाज़ अमीरी पे तो सुन लो 'दानिश'
हम फ़क़ीरों को ज़रा एक निवाला दे दो

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हम अपना महल ढूँढ़ते फिरते है दर-ब-दर
फ़क़ीरों की मानिंद ठाए बुढ़ापे का जिस्म

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अपनी जाँ की हिफाज़त भी ख़ुद करते हैं
अब फ़क़ीरों को सदक़ा नहीं देते लोग

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यारी फ़क़ीरों से रखेंगे अब
दूरी अमीरों से रखेंगे अब

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आह से उन की हुकूमत न पलट जाए कहीं
हुक्मराँ हो के फ़क़ीरों को सताया न करो

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बना कर फ़क़ीरों का हम भेस 'ग़ालिब'
तमाशा-ए-अहल-ए-करम देखते हैं

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'फ़क़ीरों' मूल रूप से उन लोगों को संदर्भित करता है जो गरीबी में रहते हैं, यह संन्यास और आध्यात्मिक खोज की छवियाँ प्रस्तुत करता है। कविता में, यह अक्सर विनम्रता और दिव्य सत्य की खोज का प्रतीक होता है, जो भौतिक संपत्ति से परे होता है।

कवि 'फ़क़ीरों' का उपयोग त्याग और आध्यात्मिक ज्ञान के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह अक्सर सांसारिक धन के विपरीत होता है, सरलता और भक्ति में पाए जाने वाले समृद्धि को उजागर करता है।

कविता में, 'फ़क़ीरों' आत्मा की यात्रा की समृद्धि को दर्शाता है, जहाँ सच्ची संपत्ति हृदय की पवित्रता में पाई जाती है।