क्यूँ किया करते हो तुम ज़ुल्म मुसलसल हम परतुम हो इंसान तो फिर इस का हवाला दे दोतुम को है नाज़ अमीरी पे तो सुन लो 'दानिश'हम फ़क़ीरों को ज़रा एक निवाला दे दो— Danish Balliavi