Meaning of

फ़र्दा

farda • قربتیں

कल; भविष्य

tomorrow; future

کل; مستقبل

Persian

फ़र्दा हो कि पस-ए-फ़र्दा मुझ को अब उम्मीद नहीं — Lekhak Suyash
ग़म-ए-फ़र्दा न मरने और जीने दे 'मनोहर' अब दिलों दिल में उसी से क्यूँँ उदासी ख़ूब छा जाती — Manohar Shimpi
फिर धड़कते हैं दिल-ए-इंसाँ में फ़र्दा के ख़याल फिर हवाओं ने ज़मीं पर ला उतारा कोई ख़्वाब — Aslam Ansari
मैं हूँ और वादा-ए-फ़र्दा तेरा और इक उम्र पड़ी हो जैसे — Rajinder Manchanda Bani

फ़र्दा भविष्य की आशा और अनिश्चितता को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर आशा, सपनों और आगे के अनजान रास्तों का प्रतीक होता है।

कवि 'फ़र्दा' का उपयोग आकांक्षा, भाग्य और समय के प्रवाह के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह 'इमरोज़' की तात्कालिकता के विपरीत होता है, जो आने वाले समय के लिए एक कैनवास प्रदान करता है।

फ़र्दा हमें सपने देखने और योजना बनाने के लिए आमंत्रित करता है, हमें याद दिलाता है कि भविष्य में अनंत संभावनाएँ हैं।